ॐ धर्मो: रक्षति रक्षितः,जय हिंद जय हिंदुत्व --जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी-- वो हिन्दू हो या मुसलमान,जिसको इस देश से प्यार नहीं है.उसको इस देश में,रहने का अधिकार नहीं है.-- अगर भारत भूमि में रहना होगा.वन्देमातरम कहना होगा.-- राष्ट्र धर्म सर्वोपरि है.

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अगरहो प्यार के मौसम तो हमभी प्यार लिखेगें,खनकतीरेशमी पाजेबकी झंकारलिखेंगे

मगर जब खून से खेले मजहबीताकतें तब हम,पिलाकर लेखनीको खून हम अंगारलिखेगें

Sunday, June 13, 2010

एक और धर्मनिरपेक्षता


कल जम्मू कश्मीर सरकार का निर्णय सुना.अब वैष्णो देवी और अमरनाथ जी की यात्रा पर जाने वालों को प्रवेश शुल्क देना पड़ेगा.मुझको समझ में नहीं आ रहा है की सरकारें ऐसा क्यूँ करती हैं?क्या हिंदुस्तान में एक हिन्दू होना अपराध हो गया है?मेरे प्यारे मैकाले के औलाद भाईओं बोर्ड लगा दो की यहाँ हिन्दुओं की जरुरत नहीं है.क्या हम आपको पागल लगते हैं? एक जगह आप हज पर दुसरे देश जाने वाले धर्म विशेष के लोगों पर छूट पर छूट दी जा रहे हो,दूसरी जगह उस देश में जहाँ की ८०%जनता हिन्दू है,अपने देश के अन्दर ही,प्रवेश शुल्क लगा रहे हो.इस तरह क्रमबद्ध हिन्दुओं को उखाड़ने की कोशिश क्यूँ कर रहे हो?औरंगजेब और बाबर की तरह सबकुछ नस्ट भ्रष्ट कर दो.हिंदुस्तान को इसाईस्तान या इस्लामिस्तान बना दो.आपकी धर्मनिरपेक्षता आपको मुबारक हो?

6 comments:

  1. jaane kab jaagenge ham ...sabse badi baat kaise jaagenge ham
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  2. आठ प्रतिशत पर लाने की तैयारी है...
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  3. धर्मनिर्पेक्षता का मतलब है दिन्दूविरोध-देशविरोध
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  4. केरल में धर्मांतरण पर कर्ज माफ होता है. एक मूर्ख हिन्दु ही है जो विविध रूपों में आज भी जजीया भरता है.
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