
मै हिन्दू इसलिए नहीं हूँ की मैंने एक हिन्दू परिवार में जन्म लिया है.जैसा की हमारा राष्ट्र भारत एक लोकतान्त्रिक देश है.यहाँ सभी को अपना धर्म मानने का अधिकार है.कोई भी भी अपना धर्म परिवर्तन कर सकता है.इसके वावजूद मै एक हिन्दू हूँ या हिन्दू धर्म के प्रति मेरा बहुत लगाव है इसका कारण मै आप लोगों के सामने बताना चाहूँगा-
१.हिन्दू धर्म दुनिया का सबसे पुराना धर्म है.
२.हिन्दू धर्म एक मात्र धर्म है जिसने वसुधैव कुटुम्बकम का नारा दिया और बताया की सरे लोग एक हैं चाहे वे ईश्वर की पूजा जिस भी रूप में कर रहे हों.
३.हिन्दू धर्म दुनिया का एक मात्र धर्म है जिसमे धर्मावलम्बी बनाने का प्रावधान नहीं है.सनातन धर्म का मानना है की दुनिया में केवल २ तरह के लोग रहते है आस्तिक और नास्तिक.जो ईश्वर की सत्ता पर विश्वास करते हैं,चाहे वो उनकी जिस रूप में भी पूजा करते हों,वो हिन्दू हैं.
४.हिन्दू धर्म कभी भी नहीं सिखाता की "हमारे कौम को मानने वालों के आलावा सभी काफ़िर हैं.अगर वो हमारा कौम नहीं कुबूल करते तो उनका गला काट लो."
५.वेद दुनिया की सबसे पुराणी पुस्तके हैं जो हिन्दू धर्म से सम्बंधित हैं,इससे पता चलता है की जब लोग जंगलों में रहते थे तब भी हमारे यहाँ वेदों के मंत्र गुजां करते थे.
६.हिन्दू धर्म एक मात्र धर्म है जो हर चीज़ में ईश्वर की उपस्थिति मानता है इसलिए हम हर कंकड़ को शंकर,नदिओं को माता और पहाड़ों को पिता के समान पूजते हैं.
७.हिन्दू धर्म कभी नहीं सिखाता की दूसरों के धर्मस्थान तोड़कर अपना धर्मस्थान बनाने पर जन्नत नसीब होती है.
८.हिन्दू धर्म कभी नहीं सिखाता की अपने धर्म को छोड़कर दूसरे धर्मवालों से कर लेना हमारा अधिकार है.
९.सारी दुनिया का शाशन चाहे वो लोकतान्त्रिक हो,राज शाही हो या बामपंथी हो.वो हिन्दू धर्म के हिसाब से ही चलता है.जैसे जल के देवता-वरुण,धन के देवता-कुबेर,न्याय के देवता-धर्मराज उसी तरह हमारे यहाँ अलग-अलग मंत्रालय होते हैं.
इसलिए गर्व से कहो-"हम हिन्दू हैं."
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